एक थी मनीषा
उत्तर प्रदेश के हाथरस में दरिंदों ने रेप किया, जुबां काट दी, रीढ़ की हड्डी तोड़ दी.
15 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझती रही.
उस वक्त पुलिस ने 8 दिन तक रेप की धारा तक नही लगाई. जो मनीषा के लिए आवाज़ उठा रहे थे पुलिस उसे ही फ़र्जी खबर वायरल करने के नाम पर गिरफ्तार कर रही थी.
बलात्कारी आरोपियों को बचाने के लिए "सवर्ण परिषद" के पदाधिकारियों ने जिले के एसपी से मिलकर ज्ञापन दिया की झूठा फंसाया जा रहा है.
बेहाल सिस्टम के कारण मनीषा जिंदगी से जंग हार गई
परिजन मनीषा की अंतिम संस्कार के लिए अपनी बेटी का शव मांगते रह गए कि वो हिन्दू रीतिरिवाजों के अनुसार हल्दी लगाकर विदाई करेंगें.लेकिन किसी ने नही सुनी. क्योकि इस घटना को दबाना था और बलात्कारियों को बचाना था.
फ़र्जी रिपोर्ट, फ़र्जी खबर चलाकर चिन्मयानंद की तरह इसको भी बचा लेंगें
#हाथरस #हाथरसगैंगरेप #JusticeForManishaValmiki #JusticeForManisha





Nice post
जवाब देंहटाएं