देश को बेच रहे भाजपाई
हमारे यहां एक कहावत है...
बाप कितना भी संपत्ति बना दे! बेटा अगर #कुपूत (नालायक) निकल जाए तो बस बेच देता है!
ये भारत माता के वही कुपूत #भाजपाई हैं! जो आपातकाल को भी अवसर बनाकर 6 एयरपोर्ट बेंच रहे हैं! पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने लिए #लेवर_लॉ में बदलाव लाने जा रही है! एक बार फिर मजदूरों को बंधुआ मजदूर बनाने की तैयारी है!
मुझे इन फासीवादी ताकतों को सरकार कहने में भी शर्म आती है! सरकार में बैठे #मोदी_शाह की टिम #आदमखोर है! जो इंसानी खून पीना पसंद करती हैं! मजदूरों के खुन से पुरा नेशनल हाइवे और रेलवे लाइन रंगा पड़ा है! हर दिन एक से एक दिल को झकझोर देने वाली मजदूरों की तस्वीर आ रही है! इस आपातकाल की कई विडियो और फोटो सोशल मीडिया पर ऐसे हैं! जिन्हें देखते हमारे आंखों में ना चाहते हुए भी आंसु आ गए!
इन सब के बीच एक अच्छी खबर आई! एबीपी न्यूज के रिपोर्टर को मजदूरों ने दौड़ा कर मारा! यही क्रांति है, और भारत में क्रांति पत्रकारों और नेताओं के पिटाई से ही आएगी! ए जो भारत में अभी फासीवाद का जो माहौल है! इसके लिए यही मिडिया और सरकार जिम्मेदार है!
मेरे इन विचारों पर कुछ गोबर भक्त ज्ञान देने आएंगे! किसी को भी माराना लोकतंत्र और मानवाधिकार के खिलाफ है!
मानवाधिकार मानवों के लिए है! ये मिडिया और सरकार दोनों आदमखोर है! ध्यान रहें.. हम क्रांति की बात कर रहे हैं यानी संपूर्ण परिवर्तन!
और भी बहुत कुछ लिखना बाकी है! इन आदमखोरों के लिए.....
---- रितेश कुमार


Agar koi fashibad jaise shabad ka pryog krta hai to ye anuchit hoga kyoki bhart ek loktantrik desh hai yha kitne dbab samuh hai jo sarkar ko galat vichar aur karyo ke prti sachet krta hai hum itna kah skte hai ki bhart me vite kuchh varsho thoda kam loktantrik ho gya hai
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